बात शायद २१-२२ मई की है ।
उस दिन रात को करीब ३ बजे अचानक से लाइट चली गयी ।
मेरी मम्मी  सभी कमरो के पन्खे (जो कि इन्व्रटर से चल रहे थे) बन्द करने के लिये  उठी क्योकि उन्हे पता नही था की लाइट से गयी कब थी,इन्व्रटर डिस्चार्ज ना  हो इस्लिये  उठी थी।


जब  मम्मी ने सभी कमरो के पन्खे बन्द कर दिये तो वह चाची के कमरे मे भी गयी पन्खा बन्द करने  लेकिन उन्होने चाची के कमरे मे कुछ ऐसा देखा कि दन्ग रह गयी।
लाइट न होने के बाव्जुद उन्के कमरे का कुलर चल रहा था(कुलर का कनेक्शन इन्व्रटर से नही था)। मम्मी को विश्वास ही नही हुआ इस्लिये उन्होने मुझे और चाची को भी जगाया हम दोनो भी यह देख कर दन्ग रह गये।

    
आखिर सारे मोहल्ले कि लाइट न होने के बव्जुद यह कूलर चल कैसे रह था लेकिन इसके कुछ ही देर बाद लाइट आ गयी हम तीनो तो कुछ समझ ही नही पाये। डरे हुए होने के कारण हम तो सो भी नही पा रहे थे।


जब सुबह हम लोग उठे तो हम लोगो ने यह बात घर के बाकी लोगो को  बताई वो तो हमारी बात पर विश्वास ही नही कर पा रहे थे।


अब सावाल यह उठ रहा था की अखिर कूलर चला तो चला कैसे।


बहुत सोच विचार के बाद हम इस conclusion पर पहुचे की या तो यह किसी भूत का काम है या तो यह तार कि हेर फेर से हुआ था ।


यह पढ़्ने के बाद शायद कुछ लोग मेरी बात पर विश्वास भी करे और कुछ लोग इसे हस के टाल दे ,सब के अपने विचार होते है,सोचिये सोचने पर कोइ टैक्स तो लगता नही।


सवाल तो यह उठ्ता है कि-
क्या सच मे भूत होते है?
सोचिये सोचिये और  मुझे बताइये 

9 comments

  1. Dr. Praveen Kumar Sharma // May 25, 2008 at 7:09 AM  

    Dariye mat, ghar ka connection check karwaaiye, invertor ke connection me samsya hoti hai aur yeh samsya bahut aam hoti hai.

  2. Neeraj Rohilla // May 25, 2008 at 7:47 AM  

    सौम्याजी,
    आपकी जगह मैं होता तो सबसे पहले घर को चारों तरफ़ से बन्द करवा देता । फ़िर भूत भाई के लिये बढिया रबडी, गुलाब जामुन, रसमलाई लाता ।

    उसके बाद भूत भाई से दोस्ती करके, पूरे घर की बिजली की मुफ़्त सप्लाई लेता । उसके बाद भूत भाई के सहयोग से बिजली की कम्पनी खोलता और साथ ही एक पार्टी खोलकर सभी को मुफ़्त बिजली के वादे के साथ नेता बन जाता :-)


    अभी भी देख लीजिये, क्या पता कल फ़िर भूत भाई मेहरबान हो जायें ... अरे ये क्या हुआ, मेरे कमरे की बत्ती किसने बंद की, भूत भाई आप यहाँ भी :-)

  3. Kaul // May 25, 2008 at 7:50 AM  

    सौम्या, भूत नहीं होते हैं, यह तो पक्का है। चाहे कुछ हो जाए। हर रहस्यमयी घटना के पीछे कुछ न कुछ वैज्ञानिक कारण होते हैं। उदाहरण के लिए, मेरा कल का ही पोस्ट देखो। क्या ऐसा हो सकता है कि हवा चल रही हो, और कूलर उस के कारण चल रहा हो? यदि कूलर में पानी कम हो, घास सूखी या कम हो, तो हवा से पंखा आसानी से चल सकता है।

  4. दिनेशराय द्विवेदी // May 25, 2008 at 9:35 AM  

    भूत बराबर होते हैं। जो पहले हुआ करते थे और अब नहीं वे ही भूत होते हैं। जब बिजली चली गई तो वह भूत हो गई वही चला रही थी आप के कूलर को। बिजली वैसे भी दिखती नहीं सो भूतलक्षणी है।
    बिजली इनवर्टर के जरिए भूत बन कर बैटरी में कैद रहती है। बैटरी में यह भूत हमारे आदेशानुसार काम करता है।
    मैं फिर कहता हूँ भूत बरोबर होते हैं। बहुत काम के भी होते हैं। बस आप उन को पहचानना सीख लें।

  5. मसिजीवी // May 25, 2008 at 11:27 AM  

    हा हा हा
    एक बार इनवर्टर बंद करके भी देख लेते।
    फिर भी चलता तब तो हो गया ऊर्जा समस्‍या का हल...जहन्‍नुम में जाए बुश हम क्‍यों करें न्‍यूक्लियर डील, हमारी एनर्जी समस्‍याओं के लिए तो भूत हमारा साथ दे ही रहे हैं।

    अपने विज्ञानप के लिए भूत कब तक रहा वहॉं पर ?

  6. PD // May 25, 2008 at 12:53 PM  

    सही है जी..
    वैसे मैं न भूत को मानता हूँ और न भगवान् को.. मगर मेरा मानना है की अगर आप भगवान को मानते हैं तो भूत को भी मानिये क्योंकि दोनों में से किसी को किसी ने नहीं देखा है,.. :)

  7. सागर नाहर // May 25, 2008 at 7:05 PM  

    कुछ और कारण हो सकता है..पर भूत!
    लगता तो नहीं कि भूत रहा हो/होता हो पर आपने अनुभव किया है तो सच ही होगा।

    ॥दस्तक॥
    तकनीकी दस्तक
    गीतों की महफिल

  8. ghughutibasuti // May 25, 2008 at 8:25 PM  

    शायद होते हों, परन्तु क्या उन्हें कूलर चलाने के अलावा और कोई काम नहीं ? चिन्ता न कीजिये यह कोई भला भूत ही होगा, अन्यथा चाची का कूलर चलाने की बजाय बंद कर रहा होता।
    घुघूती बासूती

  9. Anonymous // August 9, 2010 at 11:59 PM  

    Saumya, tum to coaching classes me etani busy ho gai ki sayad apni favourite hobby, sleeping, ko bhool gai aur bhoot lok ke sapne jagte huye dekhane lagi. -ITS ME YAR ENA N _____(guess kar chavanni dunga)