कल से मैने ’हीरो पुक’ चलाना शुरु किया बहुत मजा आया।
पेहले तो थोडा डरी हुई थी डर लग रहा था कि कही गिर गयी और पैर टूट गया तो सारी छुट्टी खराब हो जायेगी। लेकिन ऐसा कु्छ भी नही हुआ।

मेरे पापा ने इतने अच्छे से मुझे हर चीज बताई कि गिरने का तो सवाल ही नही उठता था। पेहले पेहले तो पापा पिछे बैठ कर सिखा रहे थे लेकिन जब उन्हॊनॆ मूझॆ खुद चालानॆ कॊ कहा तब मै बहुत खुश हूई। लेकिन मैने बैठते ही ACCELARATOR  इतना तेजी से घूमाया कि गाडी बहुत तेज़ भागने लगी। शुकर है कि मैने तुरन्त ब्रेक लगा दिये । उसके बाद तो मैने बहुत सम्भल कर चलाना शुरु किया। 
धीरे धीरे मै  गाडी अच्छे से चलाने लगी। बिल्ली ने रास्ता भी काटा लेकिन कुछ बुरा नही हुआ। अभी तक तो इतना ही सिखा है आगे कि बात फिर कभी।

भूत वाली पोस्ट पे कमेन्ट पढ़कर बहुत मज़ा आया और हम सब खूब हंसे।

हिन्दी मे टाइप करना अब मुश्किल नही लग रहा, बस छोटी बड़ी मात्रा की गलती हो रही है, कुछ दिन प्रक्टिस करूँगी तो ठीक से आ जाना चाहिये।

इसके बाद अब शब्द और वाक्यों पर लिन्क लगाना और फोटो लगाना (डायरेक्ट किसी वेब्साइट से) सीखना है, आज कल तो भैया हेल्प कर देते हैं।

11 comments

  1. दिनेशराय द्विवेदी // May 26, 2008 at 6:37 AM  

    वाह, क्या बात है? सौम्या मोपेड सीख रही है। बहुत जरूरी है। वैसे यह सिर्फ एक दिन का काम है, बिल्ली रास्ता काट जाए तो केवल कुछ घंटों का। बस ट्रेफिक सेंस जरुर आ जाना चाहिए उस शहर का जिस में आप को चलाना है (यह हर शहर का अलग अलग होता है। वैसे आप के अलावा किसी में नहीं होता)
    और बिल्ली की हम पर खूब कृपा है। वह मेरी कार के नीचे विश्राम करती है। उसे स्टार्ट करते ही चल देती है। बगल की दीवार पर सैंकड़ो पंजों को निशान बना दिए हैं। बिलकुल किसी भूत की मौसी लगती है।

  2. अनूप शुक्ल // May 26, 2008 at 6:47 AM  

    वाह, बधाई। सावधानी से चलाओ। एक्सलेटर से पहले ब्रेक पर कन्ट्रोल करना सीखो। भूत वाली पोस्ट अच्छी थी। फोटो और लिंक लगाना एकदम आसान है। सीख जाओगी।

  3. bhuvnesh sharma // May 26, 2008 at 7:11 AM  

    बधाई हीरोपुक सीखने की.

    वैसे ये अब भी मिलती है क्‍या. हमारे यहां तो दिखती ही नहीं.....

  4. Udan Tashtari // May 26, 2008 at 7:34 AM  

    बहुत बधाई-खूब चलाओ हीरो पुक. ऐसे ही आगे बढ़ते रहो. शुभकामनाऐं.

  5. Pramendra Pratap Singh // May 26, 2008 at 8:39 AM  

    ब्‍लाग प्रारम्‍भ करने की बधाई

  6. कुश // May 26, 2008 at 8:43 AM  

    वाह बहुत बहुत बधाई.. सीखने के बाद सबसे पहले ड्राइविंग लाइसेंस बनवा लेना.. वो बहुत ज़रूरी है.. जल्द ही कार चलना भी सीख लेना.. हमारी शुभकामनाए

  7. PD // May 26, 2008 at 11:26 AM  

    sahi hai..
    aap sikh lo achchhe se, phir doston ko baitha kar ghumana.. :)

  8. डॉ .अनुराग // May 26, 2008 at 12:38 PM  

    हेलमेट पहनियेगा .....हैरान हूँ हीरो पुक अब तक आती है ....हमने भी अपने लाकद्पन की शुरुआत इसी से की थी.......

  9. mamta // May 26, 2008 at 12:48 PM  

    सौम्या हीरोपुक सीख ने की बधाई।
    और जैसा की दिनेश जी ने कहा है दिल्ली मे हमारे घर के पास भी बिल्ली थी जो हमेशा ही हमारा रास्ता काटती थी पर उसका रास्ता काटना हमेशा शुभ रहा।

  10. Sanjeet Tripathi // May 26, 2008 at 1:41 PM  

    वाह जी, हम तो पहली बार आए आपके ब्लॉग पर!
    अच्छा लगा!
    शुभकामनाएं

  11. Shiv // May 26, 2008 at 4:55 PM  

    वाह! बहुत बढ़िया पोस्ट है.
    हीरो पुक सीखते हुए तुम्हारी खुशी देखकर बहुत अच्छा लगा. सावधानी बरतना. सबसे जरूरी है सड़क के नियमों का पालन करना. अच्छा लगा तुम्हारा ब्लॉग. खुश रहो.